कुश्ती
एक सौ ग्राम: तराज़ू, तख़्ता और वो रजिस्टर जो फेडरेशन ने कभी नहीं भरासात अगस्त 2026, पेरिस। सुबह पाँच बजे के आसपास, चैंप-दे-मार्स के अखाड़े से अलग...
टखना, तराज़ू और बीस दिन: भारतीय कुश्ती की चोट-समय-सारिणी कैसे पढ़ी जाती हैपांच अगस्त 2026, टोक्यो। मकुहारी मेस्से हॉल में 86 किलो कांस्य पदक का बाउट शु...
आठ पदक, शून्य स्वर्ण: भारतीय कुश्ती की संपत्ति का असली ऑडिटसात अगस्त 2026, पेरिस। सुबह करीब छह बजे, 50 किग्रा फ्रीस्टाइल का फाइनल कुछ ही...
ग्लासगो 2026 में कुश्ती नहीं: भारत के पदक-गणित का एक स्तंभ टूटा, पर असली दरार कैलेंडर में हैग्लासगो 2026 में कुश्ती नहीं: भारत के पदक-गणित का एक स्तंभ टूटा, पर असली दरार...
तराज़ू के नीचे का कमरा: भारतीय कुश्ती में सीज़न नहीं होता, सिर्फ़ तारीख़ें होती हैंजकार्ता, अगस्त 2026. सुबह सात बजे वज़न-कमरा खुलता है और सबसे पहले वही आवाज़ आ...
भारतीय कुश्ती का असली ट्रांसफर मार्केट: जहां कीमत पदक से नहीं, नियुक्ति पत्र से तय होती हैजनवरी 2026 के आख़िरी हफ़्ते में सोनीपत के सेक्टर-15 वाले हॉल में सुबह नौ बजे...
तराज़ू और सर्कुलर: भारतीय कुश्ती का निर्णायक मुकाबला मैट से पहले कहां लड़ा जाता हैसुबह 4:10 बजे सोनीपत के अखाड़े में सबसे पहले तराज़ू जगता है, पहलवान नहीं।...
